Data communication kya hota Hai Hindi Me, डेटा संचार क्या होता है ?

Data communication kya hota Hai Hindi Me, डेटा संचार क्या होता है ?

नमस्कार मेरे पाठको डाटा कम्युनिकेशन के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए आपने सही लेख खोला है अगर आप भी डाटा संचार या डाटा कम्युनिकेशन का नाम सुनकर सोचते हैं की Data Communication क्या होता है तो इस लेख में आपको डेटा कम्यूनकेशन के बारे में सब जानकारी आपको हिंदी में प्राप्त होगा।

आप इस डाटा संचार के बारे में इस लेख को पढ़ने के बाद दूसरा लेख यानी कि आर्टिकल आपको इंटरनेट पर सर्च करना नहीं पड़ेगा। दोस्तों हम ADCA, DCA  और CCC जैसे बेसिक कंप्यूटर कोर्स कर चुके हैं हमें इन कोर्सों से मिली जानकारी के माध्यम से आपको अब हम अपनी भाषा अपने शब्दों में बता रहे हैं मेरा कोशिश रहेगा आपको अच्छी तरीके से टाटा कम्युनिकेशंस के बारे में एक्सप्लेन कर सकूं ।


डाटा संचार Data Communication  

डाटा संचार एक नहीं बल्कि दो या दो से अधिक कंप्यूटर केंद्रों को जोड़ता है कंप्यूटर भाषा में कंप्यूटर के बीच डिजिटल तथा एनालॉग डाटा का आदान प्रदान करता है जो आपस में संचार जन्म से जुड़ा रहता है जिसे हम डाटा संचार अर्थात डाटा कम्युनिकेशंस बोलते हैं ।

Data Communication कितने प्रकार के होते हैं?

मुख्यता हम डाटा संचार को तीन भागों में व्यक्त करते हैं जिनके माध्यम से उनका भूल विकास कार्य सब विभक्त हो जाता है 

  • Simplex Channel सिम्पलेक्स चैनल
  • Half Duplex Channel हॉफ डुप्लेक्स चैनल
  • Full Duplex Channel  फुल डुप्लेक्स चैनल

अब इन तीनों प्रकार के डाटा कम्युनिकेशंस के बारे में जान लेते हैं जिसे इनके बारे में समझने में आसानी हो जाएगी क्या डाटा कनेक्शन क्या कार्य करते हैं। 

Simplex channel - सिंपलेक्स चैनल के माध्यम से किसी डाटा का संचार को एक दिशा में होता है जैसे रेडियो स्टेशन पर इस डाटा कम्युनिकेशंस का इस्तेमाल करते हैं यह एक दिशा में चलता है रेडियो स्टेशन से रेडियो सिंगल श्रोता तक सुनने वाला व्यक्ति ही इसे स्थानांतरण कर सकता है यह केवल A से B की तरफ़ चलता है।  


Half-duplex चैनल - इस चैनल में डाटा का प्रवाह दोनों दिशा में कर सकते हैं परंतु जब इसका इस्तेमाल किया गया तब एक समय में एक तरफ़ से डाटा का संचार संभव हो पाता है जैसे टेलीफोन लाइन इस पर half-duplex चैनल कम्युनिकेशंस चलता है। 

Full duplex channel - फुल डुप्लेक्स के माध्यम से एक-दूसरे दिशाओं में डाटा संचार का उपयोग किया जाता है यानी कि A से B की तरफ़ और B से A की तरफ दोनों दिशाओं में डेटा का उपयोग किया जा सकता है। जिसको फुल डुप्लेक्स चैनल  कहते हैं। 


What is Data Communication Medium?  डाटा संचार का माध्यम क्या होता है?

जब डाटा का संचार एक कंप्यूटर से टर्मिनल या टर्मिनल से कंप्यूटर तक डाटा के प्रवाह के लिए किसी माध्यम की जरूरत होती है जिसे डाटा संचार के भाषा में लाइन या डेटा लिंक कहते हैं यह पांच प्रकार के माने जाते हैं। 

  • स्टैंडर्ड टेलीफोन लाइन Standard telephone line 
  • को एक्सियल केबल Coaxial - Cable
  • माइक्रोवेव ट्रांसमिशन Microwave Transmission
  • उपग्रह संचार Satellite Communications
  • प्रकाशीय तंतु Opticals Fibers


स्टैंडर्ड टेलीफोन लाइन - यह व्यापक रूप से उपयोग होने वाला डाटा कम्युनिकेशन माध्यम है इसके ज्यादा प्रभावी रूप से उपयोग होने के कारण या है कि इसे जोड़ना आसानी तथा बहुत मात्रा में टेलिफोन केबल लाइन उपलब्ध कराई जाती है यह दोनों तांबे के तार के होते हैं जिन पर कुचालक की एक परत चढ़ाया जाता है।



को एक्सियल केबल  - यह बहुत ही हाई क्वालिटी  के संचार माध्यम है यह जमीन या समुद्र के नीचे से ले जाए जाते हैं इस केवल के केंद्र में ठोस तार होता है जो कुचालक के चारों तरफ घिरा होता है । इसको चालक के ऊपर तार की जाली बनाकर रखी जाती है जिसके ऊपर कुचालक की परत बना होता है टेलीफोन तार की तुलना में महंगा होता है पर अधिक डाटा कम्युनिकेशन की क्षमता होती है इसका उपयोग केबल Tv Network और Computer नेटवर्क में किया जाता है। 

What is benefit data communications? डाटा संचार से होने वाला लाभ क्या है ?


  • डाटा को फिजिकल रूप से भेजने में तथा डाटा तैयार करने में लगने वाले समय की बचत हो जाती है।
  • आधुनिक कंप्यूटर प्रोसेसिंग शक्ति क्षमता तथा संग्रहण क्षमता का पूर्ण उपयोग किया जा सकता है ।
  • फाइल में सूचनाओं को तीव्र गति से प्राप्त करने की क्षमता होती है ।
  • कम खर्च में डाटा का आदान-प्रदान बहुत ही आसानी तरीके से किया जा सकता है। 

What is Data Communications Network System ? 

हमारे कंप्यूटर का एक समूह दूसरे से संचार स्थापित करते हैं सूचनाओं का आदान-प्रदान संस्थाओं को साझा करते हैं इस्तेमाल करने में सक्षम बनाते हैं जैसे प्रिंटर इत्यादि है किसी भी नेटवर्क को स्थापित करने के लिए आपको कई प्रकार के घटक की जरूरत होती है जैसे प्रेषक प्राप्तकर्ता माध्यम या प्रोटोकॉल की आवश्यकता जरूर होती है विश्व का प्रथम कंप्यूटर नेटवर्क ARPANET है 


सर्वर server - कंप्यूटर के लिए बहुत ही जरूरी सरवर होता है जो नेटवर्क से जुड़े एक दूसरे कंप्यूटर को रिसोर्ट प्रदान करता है या नेटवर्क में सबसे महत्वपूर्ण पावरफुल कंप्यूटर है । सर्वर कंप्यूटर का व सेंटर होता है जहां से सभी प्रकार की एक्टिविटी को नेटवर्क प्राप्त किया जा सकता है 


प्रोटोकॉल protocol - प्रोटोकॉल किसी भी नेटवर्क में एक तय किए हुए नियम तथा तय किए हुए मानक का समूह माना जाता है जिसके नियम के अनुसार डाटा एक से दुसरे के बदला जाता है तथा आपस में एक दूसरे कंप्यूटर को जोड़ा जाता है।

टर्मिनल terminal- टर्मिनल का उपयोग मेनफ्रेम या सुपर कंप्यूटर के संसाधनों को शेयर करने के इस्तेमाल लिए किया जाता है।

नोड Nodes - किसी नेटवर्क में नोड एक कनेक्शन पॉइंट है जहां डाटा ट्रांसमिशन का अंत होता है वहीं से डाटा का दुबारा वितरण किया जा सकता है यह सभी कार्य नोड के द्वारा संभव होता है ।


नेटवर्क के लिए आवश्यक उपकरण क्या है?Some Important Devices For Networking 


कहीं पर भी नेटवर्क स्थापित करने के लिए मुख्य उपकरणों की आवश्यकता होती है जिनके माध्यम से नेटवर्क स्थापित किया जा सकता है।

  1. रिपीटर्स Repeaters
  2. हब Hub
  3. स्विच Switch   
  4. राउटर्स Routers
  5. गेटवे  Gateways

Type of network in Hindi ? Network कितने प्रकार के होते हैं हिन्दी में 

Local area network लोकल एरिया नेटवर्क इसको स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क भी कह सकते हैं या एक कंप्यूटर नेटवर्क है इसके अंदर छोटे क्षेत्र जैसे घर ऑफिस भवनों का एक छोटा समूह आदि इस कंप्यूटर नेटवर्क क्षेत्र में आते हैं वर्तमान LAN  इथरनेट तकनीकी पर आधारित है इस नेटवर्क का आकार छोटा लेकिन बहुत ही तीव्र गति से काम करता है।


Wide area network वाइड एरिया नेटवर्क व्यापक क्षेत्र नेटवर्क भी इससे को कह सकते हैं यह स्विच सर्किट के द्वारा जोड़े जाते हैं इस नेटवर्क का उपयोग देश में फैला नेटवर्क का जाल है इंटरनेट इसका अच्छा उदाहरण है भारत में CMC द्वारा विकसित इंडोनेट वैन का उदाहरण है बैंक द्वारा प्रदत एटीएम सुविधा वाइड एरिया नेटवर्क का उदाहरण है। 


इसके अलावा  नेटवर्किंग में दो अन्य प्रकार के नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता है जिसका नाम मेट्रोपॉलिटन एरिया नेटवर्क होता है यह सीमाओं के भीतर स्थित कंप्यूटरों का नेटवर्क होता है राउटर स्विच और हब मिलकर एक MAN यानी की Metropolitan Area Network का निर्माण करते हैं।इसके अलावा एक और केंपस एरिया नेटवर्क होता है जो  इसमें उपयोग होने वाले उपकरण जैसे राउटर ऑप्टिकल स्विच फाइबर इत्यादि कैंपस के द्वारा इस्तेमाल होता है।


डाटा ट्रांसमिशन सेवा कितने प्रकार के होते हैं ? Type of data transmission service ?

डाटा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने के लिए जिस सेवा का उपयोग किया जाता है उसको डाटा ट्रांसमिशन सेवा कहते हैं इस सेवा को देने वाले अलग-अलग कम नेटवर्क कंपनी है डाटा ट्रांसमिशन सेवा प्रदाता data transmission service provider भी इसको कहा जाता है और इसी नाम से इसको जाना भी जाता है। 


VSNL - विदेश संचार निगम लिमिटेड इसका पूरा नाम होता है।

BSNL - भारत संचार निगम लिमिटेड BSNL का पूरा नाम होता है भारत संचार निगम लिमिटेड की ही सिम कार्ड भी आपको भारत के अंदर इस्तेमाल को मिल जाता है 

MTNL - इस नेटवर्क का काम महानगर में नेटवर्क स्थापित करना होता है जिसे महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड कहते हैं।


Conclusion : दोस्तों इस लेख के माध्यम से मैंने आपको टाटा कम्युनिकेशंस के बारे में बताया है उम्मीद करूंगा कि डाटा कम्युनिकेशंस का यह लेख आपको पसंद आए । मैं अपने पाठकों के लिए सही जानकारी देने की संभवत पूरी कोशिश करता हूं अगर किसी भी प्रकार की कोई गलती हमारे द्वारा हो जाती है तो कमेंट करके जरूर बताएं हम अपनी गलती को जल्द से सुधार करने की कोशिश करेंगे ऊपर के बताए गए जितने भी डाटा कम्युनिकेशंस के बारे में जानकारी आपको दिए गए हैं वह हमारे बेसिक कोर्स कंप्यूटर के आधार पर है।


डाटा कम्युनिकेशंस के बारे में आप अपने अन्य दोस्तों को भी शेयर कर सकते हैं ताकि उनको भी इस डाटा संचार के बारे में पता चल सके आपकी कोई और समस्या है या किसी और प्रकार की जानकारी चाहिए तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं या तो अपनी अन्य सवाल भी पूछ सकते हैं हमारी टीम आपके सवाल को जल्द ही रिप्लाई करेगी । 

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